फैसला आने से पहले एक और अग्नि परीक्षा से गुजरी अयोध्या

राम मंदिर/बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले प्रभु राम की नगरी अयोध्या एक और अग्नि परीक्षा से गुजरी। मौका था चौदह कोसी के बाद पंचकोसी परिक्रमा का। गुरुवार की सुबह से ही लाखों की संख्या में स्थानीय और देश के विभिन्न हिस्सों से आए रामभक्तों की भीड़ परिक्रमा पथ पर चलायमान हो गयी। हर तरफ जयश्रीराम का उद्घोष गूंजने लगा।

कार्तिक पूर्णिमा मेला का प्रथम चरण चौदह कोसी परिक्रमा के रूप में 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सकुशल निपट गया। इसके बाद दूसरे चरण में गुरुवार की सुबह से पंचकोसी परिक्रमा का आगाज हो गया। इस परिक्रमा में वे श्रद्धालु भी शामिल हुए जो चौदह कोसी परिक्रमा कर चुके हैं। इसके अलावा बड़ी तादात ऐसे श्रद्धालुओं की रही जो विभिन्न प्रांतों से पंचकोसी परिक्रमा करने के लिए आए थे। इस परिक्रमा में स्थानीय नागरिकों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी हो रही है। गुरुवार की सुबह से शुरू हुई पंचकोसी परिक्रमा में इसके समापन तक यानी शुक्रवार की दोपहर तक 20 से 25 लाख रामभक्तों के शामिल होने की संभावना है।

विभिन्न चरणों में होने वाले धार्मिक आयोजन बेहद संवेदनशील
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार के दौर में इस बार कार्तिक पूर्णिमा मेला के तहत विभिन्न चरणों में होने वाले धार्मिक आयोजन बेहद संवेदनशील हो गए हैं। इसीलिए प्रशासन और पुलिस की ओर से खास सतर्कता बरती जा रही है। चौदह कोसी परिक्रमा के बाद पंचकोसी परिक्रमा में भी परिक्रमा पथ पर हर तरफ सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। विशेष सुरक्षा घेरे में आस्था के पग पर हर आयु वर्ग के महिला, पुरुष, बुजुर्ग, युवा और बच्चों के कदम राम नाम का जप करते हुए आगे बढ़ते रहे। समूचा मेला क्षेत्र एटीएस और आरएएफ समेत अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पुलिस और पीएसी की निगरानी में है। शासन ने एडीजी स्तर के अधिकारी को यहां कैम्प करने के लिए भेज दिया है। आईजी डॉ. संजीव गुप्त, कमिश्नर मनोज मिश्र, डीएम अनुज झा और एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देशन में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को व्यवस्थित किया जा रहा है।

फैसले की घड़ी के लिए तैयार किए जा रहे नागरिक
इस बीच कार्तिक पूर्णिमा मेला के प्रारंभिक दो चरण चौदह कोसी व पंचकोसी परिक्रमा समाप्त होने के बाद प्रशासन और पुलिस की नजर अब 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान और फिर उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तिथि पर केंद्रित हो गई है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान तक मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इस बीच सुप्रीम फैसले के मद्देनजर सुरक्षा प्लान आने वाले दिनों के लिए नए सिरे से लागू किया जाएगा। पुलिस महकमा और प्रशासन के अफसर समूचे जनपदवासियों को फैसले की घड़ी के लिए तैयार कर रहे हैं। इसके लिए गांव-गांव जनचौपाल आयोजित हो रही है। अयोध्या जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सभी संवेदनशील स्थानों पर भारी फोर्स की तैनाती कर दी गयी है। प्रमुख मार्गों के साथ गलियों में भी फोर्स मुस्तैद हो रही है। अयोध्या में रामलला समेत अन्य मंदिरों के आसपास सुरक्षा घेरा अभी और सख्त किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो गयी है।

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