उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने की कोशिश, गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर

उन्नाव, जेएनएन। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के दुष्कर्म तथा पीड़िता की हत्या के प्रयास के आरोप में जेल जाने के बाद उन्नाव एक बाद फिर चर्चा में है। यहां के बिहार थाना क्षेत्र के हिंदू भाटन खेड़ा गांव में दुष्कर्म पीड़िता को गुरुवार को पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया गया। वहीं पीड़िता की हालत लगातार बिगड़ते जाने से उसको लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

जमानत पर छूट कर आए दो आरोपियों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

बिहार थानाक्षेत्र के हिन्दुनगर गांव की युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। युवती इसी मामले की पैरवी के लिए गुरुवार को रायबरेली जा रही थी। गुरुवार की भोर में करीब 4 बजे पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकडने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली  थी । सुबह चार बजे के करीब गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उसके तीन साथियों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसकी सूचना मिलते ही गांव में खलबली मच गई। बिहार क्षेत्र के  हिंदूनगर भाटनखेडा गांव के रहने वाले शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी ने  12 दिसंबर 2018 को इलाके की एक युवती को अगवा करके रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में गैंगरेप किया था। जिसका मुकदमा रायबरेली जिले के थाना लालगंज में पंजीकृत है और रायबरेली कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। सुमेरपुर अस्पताल में एसडीएम दयाशंकर पाठक को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि वह गाैरा माेड के पास पहुंची तो पहले से माैजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी व रेप के आराेपित शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने लाठी, डंडे, चाकू से वार कर दिया। उसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। चीखने-चिल्लाने पर वहां पहुंचे आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो आरोपित भाग गए। इसकी सूचना पर पहुंचे स्वजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया और पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़िता को गंभीर हालत में डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़िता की हालत लगातार बिगड़ते जाने से उसको लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

तीन आरोपी गिरफ्तार

गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता ने अपने बयान में दोनों आरोपियों का नाम लिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी विक्रांत वीर के मुताबिक पीड़िता ने मार्च में दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें एक की गिरफ्तारी की गई थी। आज की घटना में पीड़िता ने पांच लोगों के नाम लिए जिनमें से तीन को घटना की सूचना मिलने के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी दो आरोपितों की गिफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों को लगाया गया है। पुलिस ने जब आरोपियों के घरों पर छापे मारे तो सभी अपने अपने घरों पर परिवारवालों के बीच मौजूद मिले। वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उसने मुकदमा वापस नहीं लिया तो हमलावरों ने जान से मारने की कोशिश की।

बचाने के लिए हरसंभव कोशिश 

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पीड़िता को जलाया गया है। उसे बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। उसे लखनऊ रेफर किया गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी हरीशंकर त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी व एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस सभी की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। हमने पीड़िता का स्टेटमेंट भी लिया है जो केस में बहुत महत्वपूर्ण होगा। डीजीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद रायबरेली में यह मुकदमा दर्ज हुआ था।

वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एडीजी लखनऊ जोन पीड़िता के साथ हैं। इनके अलावा आईजी तथा कमिश्नर मौके पर हैं। डीएम देवेंद्र कुमार पाण्डेय तथा एसपी विक्रांतवीर भी मामले की जांच में स्वयं जुटे हैं। अगर इस मामले में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारीगण मौके पर मौजूद हैं। घटना की गहन तफ्तीश की जा रही है। इस घटना से जुड़े कुछ और तथ्य भी मिले हैं, जिनकी पुलिस जाँच कर रही है।

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